गोपालगंज | फुलवरिया से विशेष रिपोर्ट
सोशल मीडिया पर कुछ सेकेंड की रील और हजारों व्यूज़ पाने की होड़ अब युवाओं को खतरनाक रास्ते पर ले जा रही है। गोपालगंज जिले के फुलवरिया प्रखंड में रेलवे स्टेशन मुख्य पथ
किनारे स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के पास बना तालाब इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। वजह है यहां रोजाना होने वाले खतरनाक स्टंट। स्थानीय लोगों के अनुसार हर दिन दर्जनों किशोर और युवा तालाब के किनारे पहुंचते हैं और ऊंची दीवारों, पुल तथा अन्य ऊंचे स्थानों से पानी में छलांग लगाकर वीडियो बनाते हैं। इन वीडियो को बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाता है, ताकि अधिक से अधिक लाइक्स, व्यूज़ और फॉलोअर्स मिल सकें।
हालांकि यह गतिविधि देखने में रोमांचक लग सकती है, लेकिन इसके पीछे छिपा खतरा बेहद गंभीर है। बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के गहरे पानी में छलांग लगाना किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है। इसके बावजूद युवाओं में इसका क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है।
हर दिन जुटती है युवाओं की भीड़
स्थानीय लोगों का कहना है कि दोपहर से लेकर शाम तक तालाब के आसपास युवाओं की भीड़ लगी रहती है। कई लोग केवल स्टंट देखने आते हैं, जबकि कुछ मोबाइल कैमरा लेकर वीडियो रिकॉर्ड करते हैं। एक युवक छलांग लगाता है और दूसरा उसका वीडियो बनाता है। इसके बाद वीडियो को इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया जाता है।
कुछ युवाओं का उद्देश्य केवल मनोरंजन होता है, लेकिन कई लोग वायरल होने के लिए पहले से अधिक खतरनाक स्टंट करने की कोशिश करते हैं। यही बात चिंता का सबसे बड़ा कारण बन रही है।
वायरल होने की होड़ ने बढ़ाया खतरा
आज के समय में सोशल मीडिया युवाओं के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। हर कोई चाहता है कि उसका वीडियो ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे। इसी सोच के कारण कई किशोर बिना खतरे का अंदाजा लगाए जोखिम भरे स्टंट करने लगते हैं।
फुलवरिया के तालाब में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। ऊंची जगह से छलांग लगाने के बाद वीडियो को स्लो मोशन और अलग-अलग इफेक्ट के साथ पोस्ट किया जाता है। कई बार दूसरे युवा भी वही स्टंट दोहराने की कोशिश करते हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना और बढ़ जाती है।
तालाब की गहराई बनी चिंता का विषय
स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब की गहराई हर जगह समान नहीं है। बारिश के मौसम में पानी का स्तर भी लगातार बदलता रहता है। कई स्थानों पर कीचड़ और फिसलन होने के कारण संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है।
यदि कोई युवक गलत तरीके से पानी में गिर जाए या उसे तैरना न आता हो, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे मामलों में कुछ ही सेकेंड की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
मंदिर परिसर के पास बढ़ती गतिविधियां
यह तालाब प्राचीन हनुमान मंदिर के पास स्थित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थल के आसपास इस तरह की खतरनाक गतिविधियां उचित नहीं हैं। कई बार मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और महिलाओं को भी भीड़ के कारण असुविधा का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का मानना है कि धार्मिक स्थल की गरिमा बनाए रखने के साथ-साथ यहां सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की जानी चाहिए।
नाबालिग बच्चे भी कर रहे नकल
सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि बड़े युवाओं को देखकर छोटे बच्चे और किशोर भी उनकी नकल करने लगे हैं। कई बार स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चे भी तालाब के किनारे पहुंच जाते हैं और स्टंट करने का प्रयास करते हैं।
यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी, तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों ने उठाई कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। उनका सुझाव है कि तालाब के आसपास चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ऊंची जगहों पर बैरिकेडिंग की जाए और समय-समय पर पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।
इसके अलावा पंचायत स्तर पर भी युवाओं को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा सकता है। स्कूलों और कॉलेजों में भी छात्रों को बताया जाना चाहिए कि सोशल मीडिया की लोकप्रियता के लिए अपनी जान जोखिम में डालना सही नहीं है।
अभिभावकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की गतिविधियों पर परिवार की नजर रहना भी जरूरी है। कई बार माता-पिता को यह जानकारी ही नहीं होती कि उनके बच्चे किस तरह के वीडियो बना रहे हैं।
यदि परिवार समय रहते बच्चों को समझाए और सुरक्षित व्यवहार अपनाने की सलाह दे, तो ऐसे मामलों में काफी कमी लाई जा सकती है।
सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग जरूरी
सोशल मीडिया एक ऐसा मंच है जहां लोग अपनी प्रतिभा, कला और रचनात्मकता दुनिया के सामने ला सकते हैं। लेकिन यदि इसका उपयोग केवल जोखिम भरे स्टंट दिखाने के लिए किया जाए, तो इसका गलत संदेश समाज में जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तरह का स्टंट प्रशिक्षित लोगों की निगरानी और सुरक्षा उपकरणों के साथ ही किया जाना चाहिए। बिना तैयारी के ऐसे प्रयास करना खतरनाक हो सकता है।
प्रशासन और समाज की साझा जिम्मेदारी
यह केवल प्रशासन का ही नहीं बल्कि पूरे समाज का दायित्व है कि युवाओं को सही दिशा दिखाई जाए। यदि स्थानीय लोग, पंचायत, स्कूल, अभिभावक और प्रशासन मिलकर जागरूकता अभियान चलाएं, तो इस तरह की घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ युवाओं को यह समझाना भी जरूरी है कि वास्तविक सफलता सोशल मीडिया के कुछ लाइक्स से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष
गोपालगंज के फुलवरिया स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के पास का यह तालाब आज केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव की एक तस्वीर बन चुका है। वायरल होने की चाह में युवा जिस तरह अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, वह चिंता का विषय है। अभी तक किसी बड़े हादसे की आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है, लेकिन हालात यही संकेत दे रहे हैं कि यदि समय रहते रोकथाम के उपाय नहीं किए गए, तो भविष्य में गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
प्रशासन, अभिभावकों और समाज को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि युवाओं की ऊर्जा सही दिशा में लगे और कुछ सेकेंड की रील के लिए कोई अपनी जिंदगी दांव पर न लगाए।

